fbpx

मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी

Sale!

1,499.00 999.00

Delivery: Within 3 – 5 Business Days
Free Shipping:  All over India
Order on Call:  9773717452
Energization: Pandit suresh Shastri

 

Category:

Description

कछुए की आकृति वाली मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी धारण करने से होनेवाले शुभ लाभ:-भारतीय शास्त्रों वा पौराणिक ग्रंथों, के अनुसार मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी को बेहद ही शुभ माना गया है। यह माना जाता है की मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी साक्षात माँ लक्ष्मी का स्वरूप है जो जीवन में सौभग्य और समृद्धि लता है । जिससे धन के आगमन का परवाह बढ़ता हे पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय भगवान् विष्णु ने कछुए का रूप धारण किया था । और साथ ही देवी लक्ष्मी भी वहीं से आईं थीं। इसीलिए कछुए को देवी लक्ष्मी के साथ जोड़कर धन प्राप्ति का सबसे उच्तम स्रोत मन गया है

मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी व्यक्ति के जीवन के उन दोषों को शांत करने का काम करती है जो जीवन में धन प्राप्ति में बाधा का कार्य करते है
यह अंगूठी आपको अन्दर से ऊर्जावान बनाती है जिससे आपके मनोबल वा आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होती है।
मेहनत के साथ-साथ इंसान का भाग्य का साथ होना भी जरुरी है। यह अंगूठी भगिय की प्रबलता को भी मजबूत करता है ।
मेरु भाग्यलक्ष्मी को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जिसको पहनने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
व्यपार वा नौकरी करने वालो के घर में सुख समृद्धि अति है। जिसके साथ माँ लक्ष्मी की किर्प्या अपने आप उनके उप्पर होने लगती है ।
अगर आपको व्यापर में लगातार घाटा हो रहा हो तो उन व्यक्तियों को तो अवष्य ही इस अंगूठी को धारण करना चाइये ।                        जिससे व्यापारिक शतुरुओ को नाश होता है ।
नकारात्मक ऊर्जा को ख़तम करने में मदद करती है
मन और आत्मा को शुद्ध बनाए रखती है जिससे हर काम में मन लगता है ।
घर में सुख -शांति समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है ।

मेरु अंगूठी को पहनने का सही तरीका ।

अंगूठी पहनते समय इस बात का ध्यान रखे की कछुए के सिर वाला हिस्सा पहनने वाले व्यक्ति की ओर होना चाहिए। अगर कछुए का मुख पहनने वाले व्यक्ति की ओर न हो कर भर की और होगा तो धन आने की बजाय जो होगा वो भी हाथ से चला जाएगा और आप कंगाल हो जायेंगे।

हमसे क्यों लें

Astrologyveda द्वारा मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी को मां लक्ष्‍मी जी और भगवान विष्‍णु जी के मंत्रों द्वारा अभिमंत्रित करके के बाद ही आपके पास भेजी जाती है जिससे यह आपको अधिक से अधिक शुभ फल दे सके।

मेरु भाग्यलक्ष्मी अंगूठी
Scroll to top